चीन की दादागिरी।



बेवजह पागल कुत्ते की तरह सब से लड़ रहा है,
 तरह-तरह की बहाना लेकर सीमाओं में चड़ रहा है।
यह भी मेरा, यह भी मेरा, कह कर पीछे पड़ रहा है,
 और धीरे-धीरे कदम अपना वह बढ़ा रहा है।
कब जागोगे? प्रिय मेरे वतन हिंदुस्तान, 1962 ईoसे धोखा देता रहा है
 बेईमान।
 कितने गंदे लोग हैं कुछ तो है इनकी चाल में,
दुनिया को फंसा देते हैं मकड़ी की जाल में।
नापाक इरादा  बुरी चाल, नहीं आ रहा है बाज।
 इसलिए सीमा पर स्थिति बिगड़ गई हैl
 आज।
हमें भी हिंद की मिट्टी से बेहद प्यार
 है।
 जान हथेली में लेकर समय का इंतजार है।
 वन्दे मातरम्, वन्दे मातरम्, तुम्हारी छवि कभी ना हो कम।
 बलिदान की भी जरूरत हो तो, आगे हैं हम।
बाकी है, चुकाना हमें भी पुरानी हिसाब। अध्याय सामने खुला है, नफरत की किताब।
 यदि पढ़ सको, तो पढ़ लो, आगे ना बड़ों चीन। और नहीं तो अब बहुत हुआ उल्टी गिनती गिन। 
जानी दुश्मनों, ओ सुन लो, अगर हो तुम्हारी कान।
 मातृभूमि रक्षा हेतु, देखो हमारी आन, मान और शान। ये शेरे दिल्ली, मोदी सरकार की है दहाड़।
 ज्यादा शरारत और ना करो हमसे खिलवाड़, पलक झपकते ही आ जाएगी तबाही का बाड़।
 गूंगरू बांद नाच उठे हैं, तो घूंघट कैसा। चाहे हम रहें, या ना रहें, आप मुस्कुराते रहें, गुलाब फूल जैसा।
 भारत माता की जुआ को, यहां तक खींच लाए हैं, ख़िदमात तेरी ओ वतन, कितने खून बहाए हैं।
 दोस्तो क्या कभी कुछ सोचा आप सब ने, इन को आगे बढ़ाया है किसने? आपने। हर सामान इनका, मोबाइल से सुई तक खरीद लेते हैं।बदले में खास मुनाफा दे देते हैं।
अब देखो इनकी  उछल–कूद और शान।
 नए हथियार खरीद हमारे सीने में देते हैं तान। 
यह कैसी है देश के लिए,
 आपकी योगदान।
 जय भारत, जय हिंदुस्तान।

#M P Lohar