धरती का स्वर्ग - कश्मीर

कश्मीर हमारा जन्नत का पिटारा।
 सौंदर्य में सोने चांदी का कटोरा।
क्या ही खूब  फुरसत से, खुदा ने इसे  बनाया है।
हरे भरे पेड़,घासौं की हरियाली से इसे सजाया है।

ऊंचे शवेत पर्वत, जंगल ,और नीले-नीले अंबर, व्याकुल कर देते हैं, दिल की गहराइयों को छू कर, बर्फ गिरते ही हलचल, प्राकृतिक मुस्कुराने लगता है,हर घर में, बुखारी और कांगड़ी, जलने लगती है।
बर्फीली हवा जब चलती है, पेड़-पौधे गाने लगते हैं। पत्तियों की सरसराहट, पक्षियों का कलरव, खूब सुहावने लगते हैं।
लड़कियों का तो क्या कहना, जन्नत की परी हैं।
हिंद की लड़कियों में अव्वल, और सर्वोपरि हैं।
गोरी-गोरी गाल, सेब वा टमाटर जैसी लाल।
 घने सुनहरी बाल, और हिरन  जैसी चाल।
आपकी आंखों को, देखने के लिए, मजबूर कर देती है।
अपनी मासूमि अदाओं से, सचमुच मोह लेती हैं।
पर्यटक बेकाबू होकर,सीधे दौड़े चले आते हैं।
बर्फौं में खेलकूद, आनंद उठा जाते हैं।
यहां की बनी शाल, और मौसम, सब को लुभाते हैं।
केसर, सेब, अखरोट, बादाम, इनको बहुत भाते हैं।
वाह!जन्नत का नज़ारा, और चांद का मुखड़ा।
सचमुच में, यह तो है, हिंद की जिगर का टुकड़ा। लैला-मजनू,हीर-रांझा, की मोहब्बत जैसा है।
 हमारा कश्मीर,अगर कोई आंख उठाए, तो..सीना देंगे चीर।
हमारा कश्मीर,हमारा कश्मीर, हमारा कश्मीर।
#Man Puran Lohar